Sochti Hu Ki Woh Kitne Masoom Thay

Sochti Hu Ki Woh Kitne Masoom Thay is a Hindi song. Sochti Hu Ki Woh Kitne Masoom Thay singer is Tulsi Kumar. Sochti Hu Ki Woh Kitne Masoom Thay song lyricist and writer is Manoj Muntashir. and music directed by Rochak Kohli.

Sochti Hu Ki Woh Kitne Masoom Thay Song Lyrics In English

Raz ke Rulaaya, Raz Ke Hasaaya,
Maine Dil Kho Ke Ishq Kamaaya…
Maanga Jo Usne Ek Sitaara,
Humne Zamin Pe Chand Bulaaya,
Jo Aakhon Se…..Haaye,
Wo Jo Aakhon Se
Ek Pal Na Ojhla Huye,
Wo Jo Aakhon Se Ek Pal Na Ojhla Huye,
Laapta Ho Gaye Dekhte Dekhte..
Sochti Hoon Ki Wo Kitne Masoom The,
Kya Se Kya Ho Gaye Dekhte Dekhte,
Sochti Hoon Ki Wo Kitne Masoom The,
Kya Se Kya Ho Gaye Dekhte Dekhte..
Wo Jo Kehte The Bichdenge Na Hum Kabhi,
Wo Jo Kehte The Bichdenge Na Hum Kabhi
Alvida Ho Gaye Dekhte Dekhte,
Sochti Hoon…

Ek Main Ek Wo,
Aur Shemin Kai,
Chand Roushan The Tab Aasmaa Mein Kayi,
Yaariyon Ka Wo Dariya Utar Bhi Gaya,
Aur Haathon Mein Bas Ret Hi Rah Gayi..
Koyi Pooche Ki…Haaye,
Koyi Pooche Ki Humse Khata Kya Hui,
Koyi Pooche Ki Humse Khata Kya Hui,
Kyun Khafa Ho Gaye Dekhte Dekhte…
Aate Jaate The Jo Shans Banke Kabhi,
Aate Jaate The Jo Shans Banke Kabhi,
Wo Hawa Ho Gaye Dekhte Dekhte..
Sochti Hoon Ki Wo Kitne Masoom The,
Sochti Hoon Ki Wo Kitne Masoom The,
Kya Se Kya Ho Gaye Dekhte Dekhte..
Wo Jo Kehte The Bichdenge Na Hum Kabhi,
Wo Jo Kehte The Bichdenge Na Hum Kabhi,
Alvida Ho Gaye Dekhte Dekhte, Sochti Hoon…
Sochti Hoon

Sochti Hu Ki Woh Kitne Masoom Thay Song Lyrics In Hindi

रज्ज के रुलाया
रज्ज के हंसाया
मैंने दिल खो के इश्क कमाया
माँगा जो उसने एक सितारा
हमने ज़मीन पे चाँद बुलाया,

जो आँखों से.. हाय
वो जो आँखों से इक पल ना ओझल हुवे
वो जो आँखों से इक पल ना ओझल हुवे
लापता हो गए देखते देखते,

सोचता हूँ..
सोचता हूँ के वो कितने मासूम थे
सोचता हूँ के वो कितने मासूम थे
क्या से क्या हो गए देखते देखते,

सोचता हूँ के वो कितने मासूम थे
क्या से क्या हो गए देखते देखते

सोचता हूँ के वो कितने मासूम थे
सोचता हूँ के वो कितने मासूम थे
क्या से क्या हो गए देखते देखते

वो जो कहते थे बिछड़ेंगे ना हम कभी
वो जो कहते थे बिछड़ेंगे ना हम कभी
अलविदा हो गए देखते देखते
सोचता हूँ ।

एक मैं एक वो, और शामें कई
चाँद रोशन थे तब आसमां में कई
एक मैं एक वो, और शामें कई
चाँद रोशन थे तब आसमां में कई

यारियों का वो दरिया उतर भी गया
और हाथों में बस रेत ही रह गयी ।

कोई पूछे के.. हाए
कोई पूछे के हमसे खता क्या हुई
क्यूँ खफ़ा हो गए देखते देखते

आते जाते थे जो सांस बन के कभी
आते जाते थे जो सांस बन के कभी
वो हवा हो गए देखते देखते
वो हवा हो गए.. हाय..

ओह हो हो..
ओह हो हो..

वो हवा हो गए देखते देखते
अलविदा हो गए देखते देखते
लापता हो गए देखते देखते
क्या से क्या हो गए देखते देखते

जीने मरने की हम थे वजह और हम ही
जीने मरने की हम थे वजह और हम ही
बेवजह हो गए देखते देखते..

सोचता हूँ..
सोचता हूँ के वो कितने मासूम थे
सोचता हूँ के वो कितने मासूम थे
क्या से क्या हो गए देखते देखते
क्या से क्या हो गए देखते देखते
क्या से क्या हो गए.. ओह हो हो।